उत्तर प्रदेश के किसानों की आँखों में आँसू और मायूसी की मुख्य वजह बेमौसम भारी बारिश और तेज हवाओं से उनकी फसलों को हुआ भारी नुकसान है।
रात भर और पिछले कुछ दिनों से हुई लगातार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है:
- धान की फसल बर्बाद: खेतों में कटाई के बाद रखी गई धान की फसल पानी में डूब गई है, जिससे दानों में अंकुरण (germination) शुरू होने का खतरा है, और खड़ी फसलें भीगकर या गिरकर नष्ट हो गई हैं।
- सब्जी और अन्य फसलें प्रभावित: धान के साथ-साथ आलू, मटर, सरसों और सब्जी की अन्य फसलों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
- आर्थिक संकट: किसानों को इस सीजन में अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक हुई इस बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, जिससे वे भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और मायूस हैं।
- अन्य समस्याएं: कुछ क्षेत्रों में खाद की कमी और कालाबाजारी भी किसानों की परेशानी का एक बड़ा कारण है, जिससे वे सही समय पर अगली फसलों की बुवाई के लिए आवश्यक उर्वरक प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।
इस प्राकृतिक आपदा और संबंधित समस्याओं के कारण अन्नदाता बेहद परेशान हैं।
